दिल्ली में सियासी लैब! बंगाल-केरल चुनाव के लिए BJP का ‘20-25 फार्मूला

साक्षी चतुर्वेदी
साक्षी चतुर्वेदी

दिल्ली की रातें अक्सर शांत होती हैं। लेकिन प्रधानमंत्री आवास की लाइटें जब देर रात तक जलती हैं, तो समझ लीजिए सियासत की कोई बड़ी गणना चल रही है।

पश्चिम बंगाल और केरल के आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर भाजपा ने अपनी रणनीति को अंतिम रूप देने की कवायद तेज कर दी है।

इसी सिलसिले में प्रधानमंत्री Narendra Modi के आवास पर पार्टी के संसदीय बोर्ड की अहम बैठक हुई।

यह बैठक साधारण नहीं थी।

यह दरअसल उस राजनीतिक शतरंज की बिसात थी, जिसमें हर सीट एक मोहरा है और हर उम्मीदवार एक संभावित चाल।

दो हिस्सों में बंटी बैठक, 140 सीटों पर मंथन

सूत्रों के मुताबिक बैठक को दो हिस्सों में आयोजित किया गया। पहले हिस्से में पश्चिम बंगाल और दूसरे हिस्से में केरल की चुनावी स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई।

करीब 140 विधानसभा सीटों पर गहन विश्लेषण किया गया। चर्चा के मुख्य मुद्दे थे संभावित उम्मीदवार, टिकट वितरण, निजी एजेंसियों के चुनावी सर्वे, जमीनी फीडबैक, गठबंधन की रणनीति। सियासी भाषा में कहें तो यह बैठक “डेटा बनाम जमीनी हकीकत” की तुलना थी।

BJP का नया चुनावी फॉर्मूला

बैठक में इस बार उम्मीदवार चयन के लिए एक नया सामाजिक और राजनीतिक फार्मूला तय किया गया। पार्टी की प्राथमिकता सूची में शामिल हैं। 20 प्रतिशत महिलाएं, 25 प्रतिशत युवा उम्मीदवार बड़ी संख्या में नए चेहरे। इस रणनीति के पीछे सोच साफ है।

राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक पार्टी युवा मतदाताओं और महिला वोट बैंक को ज्यादा आक्रामक तरीके से साधने की कोशिश कर रही है।

केरल में खास फोकस: ईसाई वोट बैंक पर नजर

केरल की राजनीति में धार्मिक और सामाजिक समीकरण बेहद महत्वपूर्ण माने जाते हैं। सूत्रों के अनुसार भाजपा नेता George Kurian को ईसाई समुदाय के वोटरों तक पहुंच बनाने के लिए उम्मीदवार बनाया जा सकता है। K. Surendran को मंजेश्वर सीट से मैदान में उतारने की चर्चा है।

इसके अलावा केरल भाजपा अध्यक्ष Rajeev Chandrasekhar के तिरुवनंतपुरम के नेमोम सीट से चुनाव लड़ने की संभावना जताई जा रही है।

गठबंधन की भी बिछ रही बिसात

सूत्रों के अनुसार भाजपा केरल में 100 से अधिक सीटों पर खुद चुनाव लड़ने की योजना बना रही है। बाकी सीटों पर सहयोगी दलों के साथ गठबंधन होगा।

इनमें शामिल हो सकते हैं Bharat Dharma Jana Sena, Twenty20 Kizhakkambalam इस रणनीति का मकसद है
स्थानीय ताकतों को साथ लेकर चुनावी समीकरण मजबूत करना।

अगली बैठक में और राज्यों पर चर्चा

सूत्रों के मुताबिक पार्टी की संसदीय बोर्ड की अगली बैठक 15 से 17 मार्च के बीच हो सकती है। इस बैठक में तमिलनाडु, असम अन्य राज्यों की चुनावी रणनीति पर भी चर्चा की जाएगी।

बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah, पूर्व पार्टी अध्यक्ष Jagat Prakash Nadda सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

चुनावी गणित का नया संस्करण

भारतीय राजनीति में चुनाव सिर्फ वोट का खेल नहीं है। यह डेटा, जातीय समीकरण, धर्म, क्षेत्रीय मुद्दों और चेहरे की राजनीति का जटिल मिश्रण है। भाजपा का नया 20-25 फॉर्मूला इस बात का संकेत देता है कि पार्टी अब पुराने समीकरणों को नए चेहरे के साथ रीमिक्स करना चाहती है। लेकिन राजनीति की सबसे बड़ी सच्चाई वही है जो हर चुनाव सिखाता है।

रणनीति दिल्ली में बनती है, पर उसकी परीक्षा हमेशा बूथ पर होती है।

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